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जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली तक भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में था केंद्र, 6.2 तीव्रता दर्ज

 Reported By: Manzoor Mir Edited By: Amar Deep
 Published : Jun 27, 2026 07:17 pm IST,  Updated : Jun 27, 2026 08:09 pm IST

जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली तक भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.2 दर्ज की गई है। हालांकि भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था।

जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके।- India TV Hindi
जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके। Image Source : PTI

जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली तक शनिवार की शाम भूकंप के झटके महसूस किए गए। आम लोग भूकंप की वजह से अपने घरों से बाहर निकल आए। जानकारी के मुताबिक भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था। वहीं भूकंप की तीव्रता 6.2 दर्ज की गई है। भूकंप की गहराई 215 किमी गहराई में दर्ज की गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक शनिवार की शाम 7 बजकर 4 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। 

वेनेजुएला में 900 से अधिक लोगों की मौत

हाल ही में वेनेजुएला में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए थे। बुधवार को दो विनाशकारी भूकंप के झटकों से भारी तबाही झेलनी पड़ी। वेनेजुएला में मरने वाले की संख्या 920 से अधिक हो गई है, जबकि 3,360 से लोगों के घायल होने की आशंका जताई जा रही है। सरकार का कहना है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। इस त्रासदी के बाद वेनेजुएला में अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।

भारत में क्या हैं भूकंप के जोन

भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के कुल भूभाग के लगभग 59 फीसदी हिस्से को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। वैज्ञानिकों ने भारत में भूकंप क्षेत्र को जोन-2, जोन-3, जोन-4 व जोन-5 यानी  4 भागों में विभाजित किया है। जोन-5 के इलाकों को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है, जबकि जोन-2 कम संवेदनशील माना जाता है। हमारे देश की राजधानी दिल्ली भूकंप के जोन-4 में आती है। यहां 7 से अधिक तीव्रता के भी भूकंप आ सकते हैं जिससे बड़ी तबाही हो सकती है। भारत में हिमालय क्षेत्र और कुछ अन्य फॉल्ट लाइनों (जैसे कच्छ, पूर्वोत्तर भारत) के कारण भूकंप का खतरा अधिक है, क्योंकि भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता

भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल के जरिए मापा जाता है। रिक्टर स्केल पर 4 से 4.9 तीव्रता के भूकंप में घर में रखा सामान अपनी जगह से नीचे गिर सकता है। 5 से 5.9 तीव्रता के भूकंप में भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है। 6 से 6.9 में इमारत का बेस दरक सकता है। 7 से 7.9 में इमारतें गिर जाती हैं। 8 से 8.9 में सुनामी का खतरा होता है और ज्यादा तबाही मचती है। 9 या ज्यादा में सबसे भीषण तबाही होती है।

क्यों आते हैं भूकंप?

हाल के दिनों में देश-दुनिया के कई इलाकों में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण भी होता है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आम जनजीवन को उठाना पड़ता है। भूकंप से मकानें गिर जाती हैं, जिसमें दबकर हजारों लोगों की मौत हो जाती है।

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